भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के सम्मान में भारत के वीरता पुरस्कार (Gallantry Awards of India) प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार न केवल अदम्य साहस का प्रतीक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। भारत सरकार द्वारा इन पुरस्कारों की घोषणा वर्ष में दो बार—गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर की जाती है।
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इस विस्तृत लेख में हम भारत के 6 प्रमुख वीरता पुरस्कारों, उनके इतिहास, पात्रता और महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

वीरता पुरस्कारों का वर्गीकरण | Classification of Gallantry Awards
भारतीय वीरता पुरस्कारों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:
1. युद्धकालीन वीरता पुरस्कार (Wartime Gallantry Awards)
ये पुरस्कार दुश्मन की उपस्थिति में युद्ध के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस के लिए दिए जाते हैं:
- परमवीर चक्र (Paramveer Chakra)
- महावीर चक्र (Mahaveer Chakra)
- वीर चक्र (Vir Chakra)
2. शांतिकालीन वीरता पुरस्कार (Peacetime Gallantry Awards)
ये पुरस्कार युद्ध के मैदान से दूर, शांति के समय असाधारण वीरता और बलिदान के लिए प्रदान किए जाते हैं:
- अशोक चक्र (Ashoka Chakra)
- कीर्ति चक्र (Kirti Chakra)
- शौर्य चक्र (Shaurya Chakra)
भारत के 6 प्रमुख वीरता पुरस्कारों का विवरण | 6 Main Gallantry Awards of India
1. परमवीर चक्र (Paramveer Chakra – PVC)
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है। यह दुश्मन के सामने सबसे विशिष्ट बहादुरी या आत्म-बलिदान के लिए दिया जाता है।
- स्थापना: 26 जनवरी 1950।
- प्रथम विजेता: मेजर सोमनाथ शर्मा (मरणोपरांत)।
- वरीयता क्रम: यह वरीयता सूची में सबसे पहले स्थान पर आता है।
2. अशोक चक्र (Ashoka Chakra – AC)
यह शांति काल के दौरान दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। इसे “युद्ध क्षेत्र से बाहर” की वीरता के लिए परमवीर चक्र के समकक्ष माना जाता है।
- महत्वपूर्ण तथ्य: अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा भी इसके प्राप्तकर्ता रहे हैं।
3. महावीर चक्र (Maha Veer Chakra – MVC)
यह युद्ध के समय साहस दिखाने के लिए दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।
- पात्रता: थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंकों के अधिकारी और कर्मचारी।
4. कीर्ति चक्र (Kirti Chakra – KC)
यह शांति काल का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 10 जांबाजों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है।
5. वीर चक्र (Vir Chakra – VrC)
युद्धकालीन वीरता पुरस्कारों की श्रेणी में यह तीसरे स्थान पर आता है। वर्ष 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के नायक अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
6. शौर्य चक्र (Shaurya Chakra – SC)
यह शांति काल का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है। यह पुरस्कार नागरिक और सैन्य दोनों कर्मियों को उनकी वीरता के लिए दिया जा सकता है।
वीरता पुरस्कारों का इतिहास | History of Gallantry Awards
आजादी के बाद, भारत सरकार ने 26 जनवरी 1950 को पहले तीन युद्धकालीन पुरस्कारों (PVC, MVC, VrC) की स्थापना की, जिन्हें 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माना गया। बाद में, 4 जनवरी 1952 को अन्य तीन शांतिकालीन पुरस्कार (अशोक चक्र क्लास I, II और III) जोड़े गए, जिनका नाम 1967 में बदलकर क्रमशः अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र कर दिया गया।
पुरस्कार राशि और सुविधाएं | Grant and Benefits
विजेताओं को पदक के साथ-साथ एकमुश्त राशि और मासिक भत्ता भी दिया जाता है:
- परमवीर चक्र: एकमुश्त ₹50 लाख (विभिन्न राज्यों में अलग-अलग) और मासिक भत्ता।
- राज्य सरकार की भूमिका: जैसे उत्तराखंड सरकार ने परमवीर चक्र विजेताओं के लिए राशि बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी है।
- विस्तृत सूची के लिए आप सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
निष्कर्ष | Conclusion
भारत के ये वीरता पुरस्कार हमारे सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान और अटूट साहस का प्रमाण हैं। चाहे वह 1971 का युद्ध हो या कारगिल की चोटियाँ, हमारे वीरों ने हमेशा तिरंगे का मान बढ़ाया है। अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार के Gallantry Awards Portal पर विजिट कर सकते हैं।