Shab-e-Barat: A spiritual journey 3 steps
Shab-e-Barat एक ऐसी ही मुकद्दस रात है। यह वह संधिकाल है जहाँ एक इंसान अपने बीते हुए कल (अतीत) के बोझ को उतारता है, आज (वर्तमान) के सजदे में सुकून तलाशता है और आने वाले कल (भविष्य) की खुशहाली के लिए अर्जी लगाता है।

