Function of Heart – मानव हृदय के 7 कार्य और संरचना (Human Heart Anatomy)

मानव शरीर एक अत्यंत जटिल मशीन की तरह है, जिसमें हर अंग का अपना विशिष्ट महत्व है। लेकिन इन सबमें सबसे महत्वपूर्ण अंग हृदय (Heart) है। अगर हम Function of Heart की बात करें, तो इसका प्राथमिक कार्य पूरे शरीर में रक्त (Blood) को पंप करना है। हृदय एक पेशी अंग (Muscular Organ) है जो हमारी मुट्ठी के आकार का होता है और छाती के मध्य में, थोड़ा बाईं ओर स्थित होता है। यह बिना थके जन्म से मृत्यु तक लगातार काम करता रहता है। एक स्वस्थ वयस्क का हृदय एक मिनट में लगभग 70 से 72 बार धड़कता है और शरीर के हर कोने तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुँचाता है।

Function of Heart in Hindi
Function of Heart in Hindi

हृदय के कार्य को समझना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि हमारी जीवनशैली का सीधा असर इसकी कार्यक्षमता पर पड़ता है। जब हम Function of Heart को गहराई से समझते हैं, तो हमें पता चलता है कि यह केवल खून पंप करने वाली मशीन नहीं है, बल्कि यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और अपशिष्ट पदार्थों (Waste Products) को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि हृदय के विभिन्न भाग कैसे मिलकर काम करते हैं और Function of Heart हमारे जीवित रहने के लिए क्यों अनिवार्य है।

मानव हृदय की संरचना और इसके भाग – Human Heart Structure and Parts in Hindi

1. हृदय की संरचना (Structure of the Heart)

हृदय मुख्य रूप से हृदय पेशियों (Cardiac Muscles) से बना होता है और एक दोहरी झिल्ली जिसे पेरिकार्डियम कहते हैं, उसमें सुरक्षित रहता है।

प्रमुख भाग और उनके कार्य:

भाग का नामकार्य (Function)
दायां अलिंद (Right Atrium)शरीर से आए कार्बन-डाइऑक्साइड युक्त (अशुद्ध) रक्त को इकट्ठा करना।
दायां निलय (Right Ventricle)अशुद्ध रक्त को शुद्ध होने के लिए फेफड़ों की ओर पंप करना।
बायां अलिंद (Left Atrium)फेफड़ों से आए ऑक्सीजन युक्त (शुद्ध) रक्त को प्राप्त करना।
बायां निलय (Left Ventricle)शुद्ध रक्त को पूरी ताकत के साथ महाधमनी के जरिए शरीर के सभी अंगों तक भेजना।
वाल्व (Valves)यह सुनिश्चित करना कि रक्त केवल एक दिशा में बहे और पीछे की ओर न लौटे।
महाधमनी (Aorta)हृदय से शुद्ध रक्त को शरीर के बाकी हिस्सों में ले जाने वाली सबसे बड़ी धमनी।
वेना कावा (Vena Cava)शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों से अशुद्ध रक्त को हृदय तक लाने वाली मुख्य शिरा।
सेप्टम (Septum)हृदय के बाएं और दाएं हिस्से को अलग करना ताकि शुद्ध और अशुद्ध रक्त मिल न सकें।

मानव हृदय में मुख्य रूप से चार वाल्व होते हैं। इनका सबसे महत्वपूर्ण कार्य रक्त को एक ही दिशा में प्रवाहित करना और उसे वापस (Backflow) लौटने से रोकना है।

यहाँ चारों वाल्व के नाम, उनकी स्थिति और उनके विशिष्ट कार्य दिए गए हैं:

1. ट्राइकसपिड वाल्व (Tricuspid Valve)

  • स्थिति: यह हृदय के दाहिने हिस्से में दाएं अलिंद (Right Atrium) और दाएं निलय (Right Ventricle) के बीच स्थित होता है।
  • कार्य: जब दायां अलिंद सिकुड़ता है, तो यह वाल्व खुल जाता है ताकि अशुद्ध रक्त दाएं निलय में जा सके। यह रक्त को वापस अलिंद में जाने से रोकता है।

2. पल्मोनरी वाल्व (Pulmonary Valve)

  • स्थिति: यह दाएं निलय (Right Ventricle) और फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) के बीच स्थित होता है।
  • कार्य: यह रक्त को दाएं निलय से फेफड़ों की ओर जाने देता है और उसे वापस हृदय के कक्ष में आने से रोकता है।

3. माइट्रल वाल्व (Mitral Valve) – इसे ‘बाइकसपिड वाल्व’ भी कहते हैं

  • स्थिति: यह हृदय के बाएं हिस्से में बाएं अलिंद (Left Atrium) और बाएं निलय (Left Ventricle) के बीच स्थित होता है।
  • कार्य: यह फेफड़ों से आए शुद्ध रक्त को बाएं निलय में जाने देता है। बाएं निलय के संकुचन के दौरान यह मजबूती से बंद हो जाता है ताकि रक्त वापस ऊपर न जाए।

4. एओर्टिक वाल्व (Aortic Valve)

  • स्थिति: यह बाएं निलय (Left Ventricle) और महाधमनी (Aorta) के बीच स्थित होता है।
  • कार्य: यह शुद्ध रक्त को हृदय से बाहर निकालकर पूरे शरीर में जाने का रास्ता देता है और महाधमनी से रक्त को वापस हृदय में गिरने से रोकता है।

संक्षेप में:

  • ट्राइकसपिड और माइट्रल: अलिंद से निलय में रक्त भेजते हैं।
  • पल्मोनरी और एओर्टिक: निलय से रक्त को हृदय के बाहर (फेफड़ों और शरीर में) पंप करने में मदद करते हैं।

2. हृदय की कार्यविधि (Working Mechanism)

हृदय की कार्यविधि एक चक्र (Cycle) के रूप में चलती है, जिसे हृदय चक्र (Cardiac Cycle) कहते हैं। यह मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी होती है: सिस्टोल (संकुचन) और डायस्टोल (शिथिलन)

चरण-दर-चरण प्रक्रिया:

  1. अशुद्ध रक्त का आगमन: सबसे पहले, शरीर का अशुद्ध रक्त (CO₂) ‘वेना कावा’ के जरिए दाएं अलिंद में आता है।
  2. फेफड़ों की ओर प्रवाह: दायां अलिंद संकुचित होता है और रक्त दाएं निलय में चला जाता है। यहाँ से रक्त ‘पल्मोनरी धमनी’ के जरिए फेफड़ों में भेजा जाता है, जहाँ वह ऑक्सीजन लेकर शुद्ध हो जाता है।
  3. शुद्ध रक्त का आगमन: फेफड़ों से शुद्ध रक्त (O₂) ‘पल्मोनरी शिरा’ के माध्यम से बाएं अलिंद में वापस आता है।
  4. शरीर में वितरण: जब बायां अलिंद सिकुड़ता है, तो रक्त बाएं निलय में जाता है। अंत में, बायां निलय पूरी शक्ति से रक्त को महाधमनी (Aorta) में पंप करता है, जहाँ से यह पूरे शरीर में पहुँच जाता है।

3. हृदय की धड़कन (Heartbeat)

हृदय का ‘पेसमेकर’ (SA Node) एक हल्का विद्युत संकेत पैदा करता है, जिससे हृदय की मांसपेशियां एक लय में सिकुड़ती और फैलती हैं। इसी लयबद्ध संकुचन और फैलाव को हम धड़कन कहते हैं।

विशेष नोट: एक स्वस्थ वयस्क का हृदय एक मिनट में लगभग 72 बार धड़कता है।

हृदय के 7 सबसे महत्वपूर्ण कार्य – 7 Vital Function of Heart

जब हम Functions of Heart in Hindi के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं, तो निम्नलिखित 7 बिंदु सबसे प्रमुख हैं:

  1. रक्त का संचलन (Blood Circulation): हृदय का सबसे पहला और मुख्य कार्य पूरे शरीर में धमनियों (Arteries) और शिराओं (Veins) के माध्यम से रक्त को पंप करना है। यह एक मोटर की तरह काम करता है जो निरंतर दबाव बनाए रखता है।
  2. ऑक्सीजन की आपूर्ति (Oxygen Supply): फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त प्राप्त करना और उसे शरीर की हर कोशिका तक पहुँचाना हृदय का एक अनिवार्य कार्य है। बिना ऑक्सीजन के कोशिकाएं जीवित नहीं रह सकतीं।
  3. पोषक तत्वों का वितरण (Nutrient Distribution): हम जो भोजन करते हैं, उससे प्राप्त ग्लूकोज, विटामिन और मिनरल्स को रक्त के माध्यम से अंगों तक पहुँचाना भी Heart Function का हिस्सा है।
  4. कार्बन डाइऑक्साइड को हटाना (Removal of CO2): कोशिकाएं चयापचय के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करती हैं। हृदय इस अशुद्ध रक्त को वापस फेफड़ों तक भेजता है ताकि हम सांस के जरिए CO2 को बाहर निकाल सकें।
  5. हार्मोन का परिवहन (Hormone Transport): शरीर की विभिन्न ग्रंथियों द्वारा स्रावित हार्मोन को उनके गंतव्य अंगों तक पहुँचाने का काम भी हृदय द्वारा पंप किए गए रक्त के माध्यम से ही होता है।
  6. ब्लड प्रेशर का नियंत्रण (Regulating Blood Pressure): हृदय की धड़कन की दर और पंप करने की शक्ति सीधे हमारे रक्तचाप को प्रभावित करती है। यह शरीर की जरूरत के अनुसार ब्लड प्रेशर को एडजस्ट करता है।
  7. अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन (Waste Removal): चयापचय के अन्य अपशिष्ट उत्पादों को किडनी और लीवर तक पहुँचाना ताकि उन्हें शरीर से बाहर निकाला जा सके, हृदय के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है।

इन कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए हृदय को खुद भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जो उसे कोरोनरी धमनियों (Coronary Arteries) से मिलती है। हृदय का स्वस्थ होना पूरे शरीर के स्वास्थ्य की नींव है।

हृदय स्वास्थ्य को कैसे बनाए रखें? – How to Maintain Heart Health in Hindi

हृदय के कार्यों (Functions of Heart) को बेहतर बनाए रखने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अनिवार्य है। आज के समय में गलत खान-पान और तनाव के कारण हृदय रोगों (Heart Diseases) का खतरा बढ़ गया है। अपने दिल को जवान और मजबूत रखने के लिए सबसे पहले नियमित व्यायाम (Exercise) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। कम से कम 30 मिनट की पैदल चाल या योग हृदय की मांसपेशियों को मजबूती देता है। इसके अलावा, अपने आहार में ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें और अत्यधिक नमक व चीनी से परहेज करें।

धूम्रपान और शराब का सेवन हृदय की धमनियों को नुकसान पहुँचाता है, जिससे ‘हार्ट अटैक’ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच करवाना भी जरूरी है। तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद लें और ध्यान (Meditation) का सहारा लें। याद रखें, यदि आपका हृदय सही ढंग से काम करेगा, तभी आप एक लंबा और ऊर्जावान जीवन जी पाएंगे। Function of Heart  को समझना केवल शैक्षणिक ज्ञान नहीं है, बल्कि यह अपने जीवन को बचाने का एक तरीका है।

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